ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय PDF
एपीजे अब्दुल कलाम का
जीवन परिचय तथा साहित्यिक उपलब्धियां
स्नातक होने के पश्चात इन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश किया। वर्ष 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आने के पश्चात इन्होंने कई परियोजनाओं में निदेशक की भूमिका निभाई। इन्होंने एस. एल. बी. 3 के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसी कारण इन्हें मिसाइल मैन भी कहा गया। इसरो के निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के पश्चात, ये वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति पद पर आसीन रहे, जिसके पश्चात इन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अध्यापन कार्य किया।
अपने अंतिम क्षणों में भी यह शिलांग में प्रबंधन संस्थान में पढ़ा रहे थे। वही पढ़ाते हुए 27 जुलाई 2015 में उनका निधन हो गया। इन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों में मानद ( मान प्रतिष्ठा देने वाला) उपाधियां प्राप्त होने के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा वर्ष 1981 व 1990 में क्रमशः पद्म भूषण व पदम विभूषण से तथा वर्ष 1997 में भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की साहित्यिक सेवाएं
कलाम जी ने अपनी रचनाओं के द्वारा विद्यार्थियों व युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। इन्होंने अपने विचारों को विभिन्न पुस्तकों में समाहित किया है।
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की कृतियां
इंडिया 2020, ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम, माई जर्नी, इग्नाइटेड माइण्ड्स, विंग्स ऑफ फायर, भारत की आवाज, टर्निंग प्वाइंटेज, हम होंगे कामयाब इत्यादि।
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भाषा शैली
कलाम जी ने मुख्य रूप से अंग्रेजी भाषा में लेखन कार्य किया है, जिसका अनुदित रूप पाठ्यक्रम में संकलित किया गया है। उनकी शैली लाक्षणिक प्रयोग से युक्त है।
योगदान
डॉ कलाम एक बहूआयामों व्यक्तित्व के धनी थे। विज्ञान प्रौद्योगिकी, देश के विकास और युवा मस्तिष्क को प्रज्वलित करने में अपनी तल्लीनता के साथ-साथ वे पर्यावरण की चिंता भी बहुत करते हैं। डॉ. कलाम ने भारत के विकास स्तर को वर्ष 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक विशिष्ट सोच प्रदान की। वे भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे।
FAQ Q&A
Ans. एपीजे अब्दुल कलाम काजन्म 15 अक्टूबर, 1931 को धनुषकोडी गांव, रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।
Ans. अपने अंतिम क्षणों में भी यह शिलांग में प्रबंधन संस्थान में पढ़ा रहे थे। वही पढ़ाते हुए 27 जुलाई 2015 में उनका निधन हो गया।
Ans. अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
Ans. इनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था।

No 01 Rashtra pati
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